अणुव्रत लेखक पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ दिलीप धींग ने स्वलिखित पुस्तक
मुनिश्री रश्मिकुमारजी, मुनिश्री दीपकुमारजी को ‘समय के अश्व’ पुस्तक निवेदित की
चेन्नई : अणुव्रत लेखक पुरस्कार से सम्मानित, अणुव्रत समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. दिलीप धींग ने अपनी नई काव्यकृति ‘समय के अश्व’ 30 नवंबर, रविवार को यहाँ साहुकारपेट स्थित तेरापंथ भवन में विराजित मुनि रश्मिकुमारजी और मुनि दीपकुमारजी को निवेदित की। तेरापंथ सभा कोयंबत्तूर के पूर्व अध्यक्ष श्री प्रेम सुराणा ने मुनि रश्मिकुमारजी द्वारा सम्पादित शासनश्री मुनि धर्मचंदजी ‘पीयूष’ की आत्मकथा ‘मेरी धर्मयात्रा’ पुस्तक डॉ. धींग को भेंट की।
अणुव्रत समिति के उपाध्यक्ष स्वरूप चन्द दाँती ने कवि डॉ. धींग द्वारा हिंदी साहित्य, प्राकृत भाषा और अणुव्रत आंदोलन के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डॉ. धींग आचार्य श्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में अणुव्रत लेखक पुरस्कार (2016) से भी सम्मानित हैं।
डॉ. धींग ने कहा कि उनकी साहित्य-यात्रा का शुभारंभ पहाड़ों पर बसे छोटे-से गाँव बंबोरा में कविता से हुआ था, जो आज अनेक विधाओं में गतिमान है। अभुषा फाउंडेशन से प्रकाशित ‘समय के अश्व’ पुस्तक में अधिकांश कविताएं उनके विद्यार्थी जीवन की हैं। इस अवसर पर मुनि प्रियांशुकुमारजी, मुनि काव्यकुमारजी, अणुव्रत समिति की प्रचार-प्रसार सचिव शांति दुधोड़िया सहित अनेक श्रावक श्राविकाएँ उपस्थित थीं।



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